Tuesday, April 05, 2011

तुम महान हो


 तुम
सुच -मच
महान हो ,
कभी न मिलने वाले
किनारे भी ,
मिलाकर
असंभव को संभव कर दिया है
छोटे गाँव को
शहर से जोड़
दिया है |
वीरानों को
भीड़ से मिला दिया है |
रिश्तों को
दिलों से जोड़
दिया है |
नई-नई  आशाओं को
साकार किया है |
पुल !! सचमुच
तुम महान हो |!