हमारे आप जैसे लोग हैं ये भी ,
हमारे आस पास ही रहते हैं ये भी ,
इनके भी सीने में दिल है और आँखों में सपने हैं ,
ये भी रोते हैं, हँसते हैं और अपनी फिक्र को धुंए में उड़ाते हैं ,
ये भी जीते हैं अपनों के लिए जैसे हम और आप ,
नज़र घुमा कर देखिये अपने आस पास ,
दर्द भरे चेहरे पर मुस्कराहट की चादर ओढ़े हुए ,
हमारे आस पास ही रहते हैं ये लोग भी !!
राजीव सिंह

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