Wednesday, July 16, 2008

सड़क


कहाँ से चली ये लम्बी सड़क
कभी सीधी और सपाट और कभी tirchi टेढी और पथरीली
अनगिनत मुसाफिर लेकर
न जाने कहाँ तक जाती है ये लम्बी सड़क !!
कड़ी धूप और ठंढी हवा का झोंका
माथे par पसीने की बूंदे aur बारिश की रिमझिम Fuhar
कभी वीरान कभी सुनसान और कभी अनजान सहर
लम्हा लम्हा कर गुजरते दिन महीने और साल
बिना रुके बिना थके चलती जाती है ये लम्बी सड़क !!
राजीव सिंह

2 comments:

Madurai citizen said...

Jai Sai Ram
chokket se!

Rajeev Singh said...

Its Written by me and must on my another Blog -----